Raipur-Bhopal Expressway: भोपाल से रायपुर का सफर होगा आधा, 15 घंटे का रास्ता 6-7 घंटे में होगा पूरा! MP में ₹15 हजार करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश सरकार ने करीब 15 हजार करोड़ रुपये के दो बड़े सड़क प्रोजेक्टों को हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भोपाल से रायपुर का सफर 14-15 घंटे से घटकर करीब 6-7 घंटे रह जाने का दावा किया जा रहा है। यानी दोनों राज्यों के बीच सड़क संपर्क न सिर्फ तेज होगा, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
भोपाल-जबलपुर से सीधे छत्तीसगढ़ तक जुड़ेगा एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को आगे जबलपुर-मंडला होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा से जोड़ा जाएगा। यह नया मार्ग भोपाल, सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला से होकर गुजरेगा। इसके जरिए मध्य प्रदेश की राजधानी से छत्तीसगढ़ तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो सकेगा।
चिल्पी घाट वाला रूट भी होगा 6-लेन
छत्तीसगढ़ के लिए सबसे अहम कड़ी जबलपुर-मंडला-चिल्पी घाट-रायपुर मार्ग को भी 6-लेन में विकसित करने की योजना है। इसके लिए करीब 2500 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है। यह मार्ग मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच व्यापारिक आवाजाही के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
6-लेन बनने के बाद इस रूट पर यातायात की रफ्तार बढ़ेगी और लंबी दूरी के सफर का समय भी कम होगा। प्रस्तावित सड़क परियोजना से दोनों राज्यों के बीच माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
टूरिज्म को भी लगेगी रफ्तार
सड़क कनेक्टिविटी के साथ पर्यटन के मोर्चे पर भी मध्य प्रदेश सरकार की बड़ी योजना है। करीब 5500 करोड़ रुपये के टाइगर कॉरिडोर के जरिए कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना जैसे प्रमुख टाइगर रिजर्व को बेहतर तरीके से जोड़े जाने की योजना है।
इसका सीधा फायदा छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश जाने वाले पर्यटकों को मिल सकता है। रायपुर से कान्हा और दूसरे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान होने से दोनों राज्यों के बीच टूरिज्म सर्किट को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
CG-MP के बीच बदलेगी कनेक्टिविटी की तस्वीर
कुल मिलाकर इन सड़क परियोजनाओं से रायपुर-भोपाल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। बेहतर हाईवे नेटवर्क से जहां सफर का समय घटेगा, वहीं छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच व्यापार, परिवहन और पर्यटन को भी बड़ा फायदा मिल सकता है।
